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नवरात्रि के 9 दिनों में दीपक में क्या डालें? जानें सही विधि, महत्व और धार्मिक मान्यता

नवरात्रि के 9 दिनों में दीपक में क्या डालें? जानें सही विधि, महत्व और धार्मिक मान्यता

October 11, 2026

जानें नवरात्रि के 9 दिनों में दीपक में क्या डालना चाहिए, घी या तेल का महत्व, सही पूजा विधि और धार्मिक मान्यताओं की पूरी जानकारी।

🪔 NAVRATRI 2026 SPECIAL

नवरात्रि के 9 दिनों में 9 दीपकों में क्या डालें? जानें धार्मिक महत्व और सही विधि

✍️ Purohit Baba Editorial Team | 11 अक्टूबर 2026 | ⏱️ 6 मिनट

⚡ मुख्य जानकारी (Quick Highlights)
  • प्रश्न: नवरात्रि में दीपक में क्या डालें?
  • उत्तर: घी, सरसों तेल, तिल तेल, नारियल तेल, चमेली तेल, पंचदीप तेल
  • अनिवार्यता: हर दिन अलग तेल जरूरी नहीं
  • सर्वश्रेष्ठ: शुद्ध देशी घी या तिल का तेल

1. नवरात्रि में दीपक जलाने का महत्व

नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना का सबसे पावन पर्व है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु माता रानी की पूजा, व्रत और अखंड दीपक जलाते हैं। कई लोगों के मन में प्रश्न होता है कि नवरात्रि के 9 दिनों में दीपक में क्या डालना चाहिए? आइए जानते हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका महत्व।

दीपक अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, सकारात्मक ऊर्जा और माँ दुर्गा की कृपा का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान जलाया गया दीपक घर में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है।

2. 9 दिनों में दीपक में क्या डालें?

🌸 प्रथम दिन

शुद्ध देशी घी

माँ शैलपुत्री की पूजा में घी का दीपक शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

🌸 द्वितीय दिन

सरसों का तेल

माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित इस दिन सरसों के तेल का दीपक नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है।

🌸 तृतीय दिन

तिल का तेल

तिल के तेल का दीपक पितृ कृपा और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए शुभ माना जाता है।

🌸 चतुर्थ दिन

नारियल का तेल

माँ कूष्मांडा की कृपा प्राप्त करने और घर में सुख-समृद्धि के लिए नारियल तेल का दीपक जलाया जाता है।

🌸 पंचम दिन

चमेली का तेल

यह साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

🌸 षष्ठम दिन

पंचदीप तेल

पंचदीप तेल पाँच शुभ तेलों का मिश्रण होता है और इसे अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

🌸 सप्तम दिन

शुद्ध घी

माँ कालरात्रि की पूजा में घी का दीपक विशेष फलदायी माना जाता है।

🌸 अष्टमी

तिल का तेल

दुर्गा अष्टमी पर तिल के तेल का दीपक शुभ माना जाता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने की मान्यता है।

🌸 नवमी

शुद्ध घी

माँ सिद्धिदात्री की पूजा में घी का दीपक जलाकर सुख, समृद्धि और सिद्धियों की कामना की जाती है।

3. क्या हर दिन अलग तेल जरूरी है?

⚠️ महत्वपूर्ण उत्तर

नहीं। किसी भी शास्त्र में यह अनिवार्य नहीं बताया गया है कि हर दिन अलग-अलग तेल ही प्रयोग किया जाए। यदि संभव न हो, तो पूरे नवरात्रि में शुद्ध देशी घी या तिल के तेल का दीपक जलाना भी पूर्णतः शुभ माना जाता है।

🙏 सबसे महत्वपूर्ण

सबसे महत्वपूर्ण है आपकी श्रद्धा, भक्ति और नियमित पूजा। तेल बदलने से अधिक मूल्य आपकी निष्ठा का है।

4. दीपक जलाते समय ध्यान रखें

🪔 दीपक जलाने के नियम
  • दीपक पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
  • सूती बत्ती का प्रयोग करें।
  • दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • पूजा के दौरान "ॐ दुं दुर्गायै नमः" मंत्र का जप करें।
  • दीपक बुझने न दें (यदि अखंड दीपक हो)।

5. निष्कर्ष

नवरात्रि में दीपक केवल प्रकाश का स्रोत नहीं, बल्कि माँ दुर्गा के प्रति आपकी श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। चाहे आप घी का दीपक जलाएँ या तिल के तेल का, सबसे अधिक महत्व सच्ची भक्ति और श्रद्धा का है। माँ दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का प्रकाश सदैव बना रहे।

🌺 जय माता दी! 🌺

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