Naamkaran Muhurat 2026 | शुभ नामकरण तिथि एवं समय
वर्ष 2026 के शुभ नामकरण मुहूर्त, तिथियाँ एवं वैदिक परंपरा के अनुसार नामकरण संस्कार की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। व्यक्तिगत मुहूर्त एवं वैदिक पंडित की सेवा के लिए संपर्क करें।
नामकरण मुहूर्त 2026: शुभ नामकरण तिथि, समय एवं नक्षत्र | Purohit Baba™
शिशु का जन्म परिवार के लिए अत्यंत आनंद और उत्सव का अवसर होता है। सनातन धर्म में जन्म के बाद किए जाने वाले सोलह संस्कारों में नामकरण संस्कार का विशेष महत्व है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में रखा गया नाम बच्चे के व्यक्तित्व, भविष्य और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है।
यदि आप वर्ष 2026 में अपने पुत्र या पुत्री का नामकरण संस्कार करवाने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ तिथि और मुहूर्त का चयन वैदिक पंचांग के अनुसार करना उचित माना जाता है। व्यक्तिगत नामकरण मुहूर्त शिशु की जन्म तिथि, समय, स्थान एवं जन्म नक्षत्र के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
आगामी शुभ नामकरण मुहूर्त 2026 (माहवार तालिका)
यहाँ वर्ष 2026 की मुख्य शुभ नामकरण तिथियाँ, दिन तथा नक्षत्र अनुसार विशेष ज्योतिषीय जानकारी दी गई है:
| माह / तिथि | दिन | शुभ नक्षत्र / योग |
|---|---|---|
| 18 जनवरी 2026 | रविवार | अश्विनी नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 25 जनवरी 2026 | रविवार | रोहिणी नक्षत्र, अमृत सिद्धि योग |
| 08 फरवरी 2026 | रविवार | मृगशिरा नक्षत्र, शुभ चौघड़िया |
| 22 फरवरी 2026 | रविवार | पुष्य नक्षत्र, उत्तम लग्न |
| 08 मार्च 2026 | रविवार | रोहिणी नक्षत्र, शुभ मुहूर्त |
| 15 मार्च 2026 | रविवार | पुनर्वसु नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग |
| 12 अप्रैल 2026 | रविवार | अश्विनी नक्षत्र, वैशाख शुभ तिथि |
| 10 मई 2026 | रविवार | रोहिणी नक्षत्र, त्रिपुष्कर योग |
| 14 जून 2026 | रविवार | पुनर्वसु नक्षत्र, सिद्ध योग |
| 11 जुलाई 2026 | शनिवार | मघ नक्षत्र, शुभ मुहूर्त |
| 08 अगस्त 2026 | शनिवार | रोहिणी नक्षत्र, अमृत योग |
| 12 सितंबर 2026 | शनिवार | पुष्य नक्षत्र, उत्तम योग |
| 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार | अश्विनी नक्षत्र, शुभ चौघड़िया |
| 14 नवंबर 2026 | शनिवार | स्वाति नक्षत्र, देवउठनी उपरांत शुभ |
| 12 दिसंबर 2026 | शनिवार | मूल नक्षत्र, मार्गशीर्ष शुभ तिथि |
नामकरण संस्कार का महत्व
नाम केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वैदिक परंपरा के अनुसार जन्म नक्षत्र एवं राशि के अनुरूप रखा गया नाम शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है। इस संस्कार के दौरान भगवान गणेश, कुलदेवता एवं इष्ट देव की पूजा की जाती है और वैदिक मंत्रों के साथ शिशु का नाम घोषित किया जाता है।
नामकरण मुहूर्त निर्धारण के मुख्य आधार
सही नामकरण संस्कार के लिए निम्नलिखित ज्योतिषीय कारकों का विचार आवश्यक है:
- जन्म तिथि, समय एवं स्थान
- जन्म नक्षत्र एवं राशि
- शुभ तिथि, वार एवं लग्न
- पंचांग (राहुकाल एवं भद्रा परिहार)
नामकरण संस्कार की आवश्यक सामग्री
- पूजा चौकी, कलश, नारियल
- आम के पत्ते, रोली, हल्दी, अक्षत
- फूल, माला, धूप एवं दीपक
- शुद्ध घी, पंचामृत एवं गंगाजल
- फल एवं प्रसाद
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हमारी प्रमुख सेवाएँ:
- व्यक्तिगत नामकरण मुहूर्त
- जन्म नक्षत्र अनुसार नाम सुझाव
- वैदिक नामकरण संस्कार
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